मेरी आवाज़...
Saturday, April 9
उग आये कांटे
हमने जोते हल
तोड़े ढेले
बोये बीज
परिवार में
प्यार के।
बंजर नहीं है
अपना भूखंड
काटने-छांटने में
रह गई कसर
शायद उग आये कांटे।
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