Sunday, October 5

तस्बीर कहता है क्या... मन

धर्म के ठेकेदारों इसको किस बात की सजा दे दी। ये नन्हीं जान ने क्या बिगडा था तेरा जो जिन्दगी की जलालत दे दी जीने के लिए... अब कौन बनेगा इसका सहारा है जवाब... मिल जाए तो बताना... ।

जिन्दगी का नाम है ऊर्जा, शक्ति, उत्साह और खुशी... मुस्कान तो देखो इसका... ।


रईसजादों की तरह मंहगी और आयातीत शराब तो पी नहीं सकता क्यों बीडी पर पर गए हो स्वास्थय मंत्री जी, क्या कोंग्रेस का हाथ, गरीबों के साथ यही है की गरीबों के खुशी, दुःख बाँटने के हथियार ही छीन लो, चलो माना थोडा नुकसान भी देता है तो क्या आपको नही पता है। बीडी रोजगार से कितने लोगों का पेट भरता है। मंत्री जी जैसे जी रहे हैं जीने दो... यही कह रहा है ये बंद... ।

2 comments:

Udan Tashtari said...

दुखद एवं निन्दनीय!

दिनेशराय द्विवेदी/Dineshrai Dwivedi said...

बढ़िया चित्र अभिव्यक्ति।