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Sunday, January 24

संघर्ष का काला हीरो आ॓बामा

पुस्तक ‘बराक आ॓बामा : ब्लैक हीरो इन व्हाइट हाउस’ एक जीवनी है। आ॓बामा एक संघर्ष का नाम है, एक जिजीविषा का नाम है। उनकी फौलादी सोच व दृढ़ संकल्प का ही परिणाम है कि आज व्हाइट हाउस के ब्लैक हीरो हैं। ये वही आ॓बामा हैं जिन्हें वर्ष 2000 में कांग्रेस अधिवेशन में प्रवेश तक की अनुमति नहीं मिली। आ॓बामा पहले अमेरीकी अश्वेत राष्ट्रपति हैं। अहिंसा के पुजारी महात्मा गांधी व नस्लीय संघर्ष में आंदोलन करने वाले मार्टिन लूथर को आदर्श मानने वाले अश्वेत बराक आ॓बामा का अमेरिकी राष्ट्रपति बनना, केवल आ॓बामा की जीत नहीं बल्कि अमेरीका में ए क नए युग की शुरूआत है। इस पुस्तक में अमेरीकी राष्ट्रपति आ॓बामा के बचपन से लेकर अब तक के कई अनछुए पहलुओं को उजागर किया है। कहां पैदा हुए और किस जगह पर खड़े हैं? यह अपने हाथ में नहीं होता लेकिन भविष्य क्या है और दुनियां उन्हें किस रूप में याद रखे, यह अपने हाथ में है।

‘यस वी केन’ कहने वाले आ॓बामा ने दुनिया के सामने ए क मिसाल पेश की है। इस पुस्तक को तैयार करने के लिए समाचार पत्रों व पत्रिकाओं के प्रकाशित लेखों से सहायता ली गई है। अखबारों की कतरनें पुस्तक की शक्ल भी ले सकती है, इस बात को लेखक धामा ने बखूबी दर्शाया है। पुस्तक पठनीय है।

-दीपक राजा

पुस्तक - बराक आ॓बामा : ब्लैक हीरो इन व्हाइट हाउस लेखक - तेजपाल सिंह धामा प्रकाशक - हिन्द पाकेट बुक्स, नई दिल्ली मूल्य - ए क सौ पचास रूपए मात्र