Saturday, April 9

उग आये कांटे

हमने जोते हल
तोड़े ढेले
बोये बीज
परिवार में
प्यार के।

बंजर नहीं है
अपना भूखंड
काटने-छांटने में
रह गई कसर
शायद उग आये कांटे।

Wednesday, February 3

छोड़ना बेहतर

जब भी आप परिवार होते हैं
जिम्मेवार होते हैं
आप रोते नहीं
तकदीर पर
करते हैं भरोसा
हाथ पर।

अब कोई
तुल जाए
काटने को हाथ...
तो ...
उसका साथ
छोड़ना बेहतर।

अकेलापन
भले ही
कुछ दिन के लिए
जीवन को
कर जाएगा
... और बदतर।

मगर
कड़ी धूप और
भरी बरसात में
जिसके भी  नहीं कांपेंगे पांव
उसे ही मिलना है
जीवन की छांव। 
-दीपक राजा